📰 आज का सूतक काल और चंद्रग्रहण 2025 | 7 सितंबर 2025 को क्या करें और क्या न करें?
📅 तारीख: 7 सितंबर 2025
🌕 घटना: पूर्ण चंद्रग्रहण
🕒 सूतक प्रारंभ: दोपहर 1:57 बजे
🕓 ग्रहण प्रारंभ: रात 9:58 बजे
🕕 ग्रहण समाप्ति: रात 1:26 बजे (8 सितंबर को)
🔭 चंद्रग्रहण 2025 की जानकारी
7 सितंबर 2025 को इस वर्ष का एकमात्र पूर्ण चंद्रग्रहण लग रहा है। यह ग्रहण भारत सहित कई देशों में दृश्य होगा। इसी कारण से भारत में इसका सूतक काल मान्य होगा। धार्मिक दृष्टि से यह एक विशेष समय माना जाता है, जिसमें कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होता है।
⏰ सूतक काल क्या होता है?
सूतक वह समय होता है जो ग्रहण लगने से पहले शुरू होता है। यह अशुद्ध काल माना जाता है और इसमें पूजा-पाठ व धार्मिक कार्य नहीं किए जाते।
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सूतक की अवधि: ग्रहण के 9 घंटे पहले शुरू होती है।
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आज सूतक: दोपहर 1:57 PM से शुरू होकर ग्रहण के अंत तक यानी 1:26 AM (8 सितंबर) तक रहेगा।
🚫 सूतक काल में क्या नहीं करना चाहिए?
| ❌ वर्जित कार्य | ✅ ग्रहण के बाद करने योग्य |
|---|---|
| पूजा-पाठ, आरती | स्नान करके पूजा करें |
| भोजन पकाना और खाना | ग्रहण के बाद शुद्ध भोजन |
| मंदिर में प्रवेश | स्नान के बाद मंदिर जाएं |
| शुभ कार्य (मुहूर्त) | ग्रहण के बाद करें |
टिप: गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। घर में तुलसी के पत्ते, कुश आदि का उपयोग रखें।
🌟 ग्रहण समाप्ति के बाद क्या करें?
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स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।
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घर की सफाई करें।
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भगवान का पूजन करें।
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जरूरतमंदों को दान दें।
📌 आज का विशेष योग
आज भाद्रपद पूर्णिमा का दिन भी है। इस दिन सत्यनारायण व्रत, दान-पुण्य, और पूर्णिमा स्नान का विशेष महत्व है। लेकिन ग्रहण के कारण ये कार्य ग्रहण समाप्त होने के बाद ही करें।
🙏 निष्कर्ष
चंद्रग्रहण और सूतक का वैज्ञानिक और धार्मिक दोनों ही महत्व होता है। यदि आप धर्म और परंपरा में विश्वास रखते हैं तो इस अवधि में बताए गए नियमों का पालन करें और ग्रहण के बाद विधिपूर्वक पूजा करके लाभ प्राप्त करें।
